Evidence-based education, exams, and career guidance you can trust.

“2025 में BPSC Mains Optional Papers में कौन-सी नई पैटर्न वेरिएंट्स आई हैं?”

“2025 में BPSC Mains Optional Papers

2025 में BPSC (Bihar Public Service Commission) ने अपनी Mains परीक्षा संरचना में महत्वपूर्ण बदलाव किए — और सबसे ध्यानाकर्षक परिवर्तन Optional (वैकल्पिक) पेपर के स्वरूप में आया। परंपरागत रूप से जो Optional पेपर Descriptive (लिखित/दीर्घ उत्तर) स्वरूप में होता था, उसे अब कई राउंड्स में Objective / MCQ (Multiple Choice Questions) के रूप में घोषित किया गया और कई आधिकारिक/अनौपचारिक सूचनाओं के अनुसार इसे Qualifying (क्वालिफाइंग) प्रकृति का बनाया गया — यानी इसे पास करना अनिवार्य है पर इसके अंकों को अंतिम मेरिट (मुख्य योग) में शामिल नहीं किया जाता। यह बदलाव उम्मीदवारों की तैयारी, विषय-चयन की रणनीति, और समय-प्रबंधन पर सीधा असर डालता है। नीचे हम विस्तार से नए पैटर्न का विश्लेषण, इसकी वजहें, फायदे-नुकसान और तैयारी की ठोस रणनीतियाँ देंगे। (The Times of India, Test book)

1) офиशियल-टाइमलाइन और संदर्भ (What changed — timeline & sources)

BPSC ने 68वीं CCE के समय से लेकर 71वीं तक के दौर में क्रमिक बदलावों का सिलसिला रखा। प्रमुख बिंदु नीचे हैं:

  • पहचान: 68वीं CCE में ही BPSC ने Optional पेपर को MCQ बनाने और उसे 100 अंक में आयोजित करने की दिशा में नोटिफिकेशन/परिवर्तन जारी करने के संकेत दिए थे—जिसे कई प्रमुख समाचार और एग्जाम-रिसोर्स साइटों ने कवर किया। (The Times of India, Jagranjosh.com)

  • पुष्टि एवं व्याख्या: 2025 के नोटिफिकेशन/पैटर्न-रिलेटेड गाइडलाइन्स में कई एजेंसी और कोचिंग पोर्टल (Testbook, Drishti, Adda247 आदि) ने यह रिपोर्ट किया कि Optional पेपर अब Objective होगा और क्वालिफाइंग नेचर का है — पर कुछ स्रोतों में अभी भी अंक-वितरण (100 बनाम 300) पर अन्तराल दिखता है; इसलिए उम्मीदवारों को आधिकारिक नोटिफिकेशन पर भरोसा करना चाहिए। (Testbook, Drishti IAS, Adda247)

  • महत्वपूर्ण: BPSC के आधिकारिक नोटिफिकेशन/सूचना-पत्र ही अंतिम सत्य हैं; मीडिया/कोचिंग की रिपोर्टें सहायक होती हैं — पर कॉन्फ्यूज़न से बचने के लिए हर उम्मीदवार को BPSC की आधिकारिक वेबसाइट/नोटिफिकेशन देखना चाहिए। (नीचे स्रोत सूची में प्रमुख रिपोर्ट संलग्न हैं)। (theIAShub)

2) नए पैटर्न का सारांश — क्या बदला? (Concise pattern change)

निम्न सारांश उन प्रमुख बदली हुई विशेषताओं को बताता है जिनकी जानकारी अधिकांश भरोसेमंद स्रोतों ने दी है:

  • Optional पेपर → Objective / MCQ रूप (परंपरागत Descriptive से हटकर)। (The Times of India, Testbook)
  • Optional अब Qualifying (केवल क्वालिफाइंग) पेपर — अर्थात् इसे पास करना आवश्यक है पर इसके अंक मेरिट में शामिल नहीं होते (General Studies I, II और Essay के कुल योग पर मेरिट निर्भर होता है)। (Adda247)
  • अंक-वितरण: अधिकांश रिपोर्टों ने Optional को 100 अंकों वाला MCQ पेपर दर्शाया है (पर कुछ आधिकारिक/शैक्षिक साइटों पर पुराने 300 अंक/Descriptive संदर्भ अभी भी दिखाई देते हैं) — इसलिए अंतिम पुष्टि-नोटिफिकेशन देखें। (Jagranjosh.com, Career Power)
  • पेपर अवधि और नकारात्मक अंक-नीति: MCQ पेपर की अवधि लगभग 2 घंटे बताई जा रही है; कुछ रिपोर्टों में नकारात्मक अंकन (negative marking) का उल्लेख भी मिलता है (प्रीलिम्स/MCQ शैली के लिए लागू)। (Testbook, PW Live)
  • इसलिए सार: मुख्य मर्म — Optional का स्वरूप बदला (Descriptive → Objective), इसका रोल बदला (अंक मेरिट में न शामिल कर के क्वालिफाइंग बनाया गया) और अंक/समय पर कुछ वैरिएशन रिपोर्ट हुए — पर आधिकारिक नोटिफिकेशन अंतिम निर्णय देगा। (The Times of India, Testbook)

3) क्यों हुआ यह परिवर्तन? — कारण और उद्देश्य (Why did BPSC change it?)

संक्षेप में संभावित कारण (अधिकारिक बयान कभी-कभी स्पष्ट नहीं होते; इसलिए ये विश्लेषण नीति/व्यवहारिक दृष्टिकोण पर आधारित है):

  • मानकीकरण (Standardization): Objective MCQ से विषयों का समान मापदण्ड बनता है और प्रश्नों का मूल्यांकन तटस्थ होता है। इससे अनपेक्षित वैरिएशन कम होगा। (The Times of India)
  • समय/कार्यप्रवाह प्रबंधन: MCQ की जांच और रिजल्ट प्रोसेसिंग तेज़ होती है — आयोग के पास बड़ी संख्या में उत्तर-पुस्तिकाएँ मूल्यांकन की झंझट कम होगी। (Testbook)
  • कठोर विवादों से बचाव: Descriptive वैल्यूएशन में पेपर-लीक/भावनात्मक पक्षपात के आरोप होते रहे हैं; MCQ से पारदर्शिता बढ़ती है। (Jagranjosh.com)
  • प्रत्येक उम्मीदवार के लिए समान मानक: विषय-विशेषों में विविधता ज्यादा है; MCQ के जरिये न्यूनतम योग्यता सुनिश्चित करना आसान। (Drishti IAS)

4) कौन-कौन से हिस्से निश्चित हैं और किनमें अस्पष्टता बाकी है? (Certainties & ambiguities)

Certainties & ambiguities

निश्चित बातें (well-supported by reports):

  • Optional पेपर का Objective रूपांतरण — कई प्रमुख समाचार/एग्जाम पोर्टल्स में रिपोर्टेड। (The Times of India, Testbook)
  • Optional को Qualifying पेपर के रूप में रखना — कई गाइडसाइट्स ने इसे पुष्टि किया। (Adda247)

अस्पष्ट/वैरिएबल बातें (sources vary):

  • Optional का अंक-वितरण (100 vs. 300): कुछ स्रोत 100 अंक लिखते हैं, कुछ पुराने फॉर्मेट में 300 अंक दर्शाते हैं — इसलिए अंतिम आधिकारिक नोटिफिकेशन देखें। (Jagranjosh.com, Career Power)
  • नकारात्मक अंकन और प्रश्न-संख्या-रूपरेखा: अधिकांश साइटें 100 प्रश्न/100 अंक की रूपरेखा बताती हैं पर BPSC नोटिफिकेशन में समग्र निर्देश पढ़ें। (Testbook)
  • सुझाव: परीक्षा से पहले BPSC की आधिकारिक नोटिफिकेशन/एडवाइजरी को बार-बार चेक करें — और आपके कॉलेज/कोच से जारी ऑफिशियल क्लैरिफिकेशन को फ़ॉलो करें। (theIAShub)

5) उम्मीदवारों पर प्रभाव (Impact on aspirants)

यहां बताया गया है कि यह बदलाव किस तरह के व्यावहारिक प्रभाव पैदा करेगा:

(A) विषय-चयन (Optional choice)

  • अब Optional का मूल उद्देश्य क्वालिफाइंग पास होना बन गया; अतः उम्मीदवारों को ऐसे विषय चुनने चाहिए जिसमें वे आसानी से MCQ-स्तर पर न्यूनतम कट-ऑफ हासिल कर सकें। पुराने दिनों की तरह विस्‍तृत निबंध-लेखन में महारत आवश्यकता कम हो सकती है। (PW Live)

(B) तैयारी-शैली

  • Descriptive → Objective होने से तैयारी में रिविजन, तथ्य-रजिस्टर और रिक्रिएशन-टैक्टिक्स (quick recall) पर अधिक जोर होगा। परन्तु, कुछ विषय में गहरे विश्लेषण की ज़रूरत नहीं घटेगी — क्योंकि GS और Essay अभी भी मेरिट बनाते हैं। (Adda247)

(C) समय-प्रबंधन

  • MCQ पेपर तेजी से हल करना सीखना होगा (सटीकता + स्पीड)। गलत उत्तरों के केस में नकारात्मक अंकन हो तो अधिक सतर्कता चाहिए। (Testbook)

(D) मानसिक प्रभाव

  • कई अभ्यर्थियों को यह राहत दे सकता है क्योंकि Optional की “लिखित लंबी तैयारी” का दबाव घटेगा; पर कुछ थेरेमिक/विश्लेषणात्मक विषयों के लिए यह चिंताजनक भी हो सकता है।

6) विषय-वार विश्लेषण — किन विषयों पर क्या बदलता है? (Subject-wise implications)

नीचे कुछ लोकप्रिय Optional विषयों में संभावित असर दिया गया है:

(i) इतिहास (History)

  • पहले: निबंध, स्रोत-आधारित प्रश्न, विस्तृत विश्लेषण की मांग।
  • अब: तथ्य-आधारित MCQ, तारीखें, घटनाएँ, सत्य/असत्य, संक्षिप्त अवधारणा-परक सवाल अधिक होंगे। परन्तु, GS के इतिहास से जुड़े विश्लेषण अभी भी Essay और GS पेपर में माँगे जाएंगे।

(ii) भूगोल (Geography)

  • पहले: रेखांकन/नक्शे और विस्तृत वर्णन।
  • अब: भौगोलिक तथ्यों, प्रक्रिया-समझ, मानचित्र-पठन (MCQ में)। मानचित्र/रेखांकन की जगह MCQ-आधारित पहचान और प्रक्रियाएँ पूछी जा सकती हैं।

(iii) पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन / पॉलिटिकल साइंस

  • नीतिगत तथ्य, परिभाषाएँ, सिद्धांत — MCQ में अच्छा प्रदर्शन अपेक्षित। नीति-ट्रैक/सम्प्रेषण पर आधारित केस-प्रश्नों के संक्षेप रूप में प्रश्न आ सकते हैं।

(iv) विज्ञान/इंजीनियरिंग विकल्प

  • सूत्र, अंकीय गणना, तकनीकी तथ्यों पर MCQ का लाभ — जहाँ अंकगणितीय प्रश्न आते हैं वहाँ MCQ से जल्‍दी अंक प्राप्त कर सकते हैं।

(v) समाजशास्त्र/अर्थशास्त्र/वाणिज्य

  • अवधारणा-काँसेप्ट पर आधारित MCQ — उदाहरण के लिये अर्थशास्त्र में सूत्र/संस्करण/नीतियों की क्विक-रीवाइज़ेबल जानकारी काम आएगी।
  • संक्षेप: हर विषय में MCQ-योग्य तथ्य, परिभाषा और मूल सिद्धांतों पर पकड़ ज़रूरी होगी; पर विश्लेषणात्मक क्षमता घटेगी ऐसा नहीं मानना चाहिए — GS और Essay के लिए गहन विश्लेषण अनिवार्य रहेगा।

7) तैयारी-रणनीति — विस्तृत कदम (How to prepare: a step-by-step plan)

How to prepare: a step-by-step plan

  • यहां एक व्यावहारिक, चरणबद्ध तैयारी-योजना दी जा रही है — मानकर चलते हैं कि Optional पेपर 100 अंकों / 2 घंटे / MCQ है (आप अंतिम आधिकारिक नोटिफिकेशन देखें और फिर minor adjustments कर लें):

चरण-A: आधार बनाना (Month 1–2)

  • चुने हुए Optional के सिलेबस को बारीकी से पढ़ें।
  • एक MCQ-बेस्ड नोटबुक बनाएं — मुख्य तथ्यों/सूत्रों/डेट्स की शीट।
  • हर विषय के बेसिक NCERT/मानक ग्रंथ पढ़ें (जो MCQ में पूछे जा सकें)।

चरण-B: प्रश्न-बैंक और तकनीक (Month 3–5)

  • MCQ-बैंक खरीदें/प्रिंट करें और रोज़ाना 50–100 प्रश्न हल करें।
  • गलत उत्तरों का एरर-एनालिसिस रखें — त्रुटि के कारणों को नोट करें (बिकल्प पहचान, समझ की कमी, ध्यान त्रुटि)।
  • टाइमेड-प्रैक्टिस (2 घंटे में 100 प्रश्न) — यह आपकी स्पीड और सटीकता दोनों बढ़ाएगा।

चरण-C: मॉक-टेस्ट और पुनरावलोकन (Month 6–8)

  • साप्ताहिक मॉक-टेस्ट — असली-परिस्थिति की तरह।
  • हर मॉक के बाद टॉप-10 एरर थीम्स निकालें और उन्हीं पर फोकस्ड रिवीजन करें।
  • यदि नकारात्मक अंकन है, तो शॉट-गन न हो — अगर आप लगभग 70–75% से कम भरोसा रखते हैं तो न猜् करें।

चरण-D: अंतिम चरण (Last 4–6 weeks before exam)

  • तेज-रिवाइज़ल शीट (flashcards) का प्रयोग।
  • प्री-मॉक-डेज (Final 7 days) में हल्की रिवाइज़ और नींद/स्वास्थ्य पर ध्यान।
  • परीक्षा-दिन की रणनीति तय करें — किस प्रश्न को छोड़ना/कहां समय बचाना है।

8) MCQ-टेस्टिंग के लिए विशेष-टेक्निक्स (MCQ tactics)

Elimination method: सबसे पहले स्पष्ट गलत विकल्प हटा दें — फिर शेष पर निर्णय।

  • Frequency-check: यदि विकल्पों में समान उत्तर दो बार आता है तो वह संभावित सही हो सकता है (लेकिन निर्भर न करें)।
  • Keywords sensitivity: प्रश्न में ‘always’, ‘never’, ‘most appropriate’ जैसे शब्दों पर विशेष सावधानी।
  • Time divisions: 2 घंटे = 120 मिनट; अगर 100 प्रश्न हैं तो ~1.1 मिनट/प्रश्न; कठिन प्रश्न के लिये अंक अलग रखकर आगे बढ़ें।
  • Negative marking handling: गलत अनुमान लगाने से बचने के लिये अगर नकारात्क अंक है और शंका >50%, तब उत्तर दें वरना छोड़ दें। (Testbook)

9) संसाधन (Suggested resources & materials)

Suggested resources & materials

नोट: नीचे दिए गए संसाधन उदाहरण हैं — अंतिम रूप में अपने चुने हुए विषय के अनुरूप MCQ-बैंक्स और पेपर-पेज का इस्तेमाल करें।

  • कॉमन MCQ-बैंक्स: Textbook/Grade up/Embibe जैसे प्लेटफार्म — BPSC-specific MCQ सेट। (Test book)
  • समाचार एवं करंट अफेयर्स: दैनिक समाचार, PIB, राज्य-समाचार (Bihar events) — किन्तु optional MCQ में विषय-आधारित करंट्स पर विशेष ध्यान। (Drishti IAS)
  • Topic-wise flashcards — स्वयं बनायें या ऑनलाइन टेम्पलेट लें।
  • मॉक-सीरीज़: reputed coaching institutes (Drishti, Adda247, Theia Shub) की मॉक-सिरीज़। (Drishti IAS, Adda247)

10) प्रश्न-उदाहरण (Sample MCQ style examples)

निम्नलिखित उदाहरण केवल शैली समझाने के लिए हैं — वास्तविक पेपर के प्रश्न BPSC के नोटिफिकेशन/सिलेबस के अनुरूप होंगे।

(इतिहास) किस वर्ष में बिहार में चम्पारण सत्याग्रह हुआ था?

  • A) 1916 B) 1917 C) 1918 D) 1919

(अर्थशास्त्र) GST लागू होने के बाद भारत में किस वर्ष में सर्वाधिक कुल राजस्व वृद्धि दर्ज हुई थी?

  • A) 2018-19 B) 2019-20 C) 2020-21 D) 2021-22

(भूगोल) ‘सोइल पीएच’ को प्रभावित करने वाला प्रमुख तत्व कौन-सा है?

  • A) Parent rock B) Rainfall C) Sunlight D) Altitude
(ये केवल उदाहरण हैं — MCQ प्रकार की प्रकृति का परिचय देने के लिए)।

11) मेरिट और क्वालिफाइंग नेचर — कैसा परिणाम आएगा? (Merit implications)

चूँकि Optional अब Qualifying है और मेरिट पर शामिल नहीं है, इसलिए मुख्य मुकाबला GS I, GS II और Essay में होगा। इसने रणनीति को बदल दिया: कई उम्मीदवार Optional में कम मेहनत कर के क्वालिफाई करने की सोच सकते हैं और अधिक समय GS/Essay पर देंगे। परन्तु ध्यान दें कि Optional को फेल होना भर्ती प्रक्रिया से बाहर कर सकता है — इसलिए इसे हल्के में न लेना चाहिए। (Adda247)

12) संभावित फायदें और जोखिम (Pros & Cons)

Pros & Cons

फायदे:

  • मूल्यांकन में पारदर्शिता और गति बढ़ेगी। (The Times of India)
  • कुछ उम्मीदवारों के लिए तैयारी का बोझ कम हो सकता है (लिखित-निबंध हटा)।

जोखिम/चुनौतियाँ:

  • कुछ विषयों की गहन-विश्लेषण क्षमता का परीक्षण कम हो सकता है — पर GS/Essay में वह ज़रूरी रहेगा।
  • MCQ में नकारात्मक अंकन और ऑटो-स्कोरिंग से वैरिक अनुभव बदल सकता है — छोटी भूलों की कीमत बढ़ सकती है। (Testbook)

13) BPSC प्रशासनिक और नीति-संदर्भ (Policy & administrative note)

BPSC ने पैटर्न बदलाव की घोषणाएँ समय-समय पर नोटिफिकेशन के माध्यम से की हैं; आयोग का तर्क होता है कि परीक्षा प्रक्रिया का आधुनिकीकरण और पारदर्शिता बनाए रखना ज़रूरी है। पर इन बदलावों का दीर्घकालिक प्रभाव तभी स्पष्ट होगा जब कम से कम 2-3 बैच इन नए नियमों के अंतर्गत रहकर परीक्षा दें और परिणाम/फीडबैक मिले। आयोग के नोटिफिकेशन और ऑफिसियल विज्ञप्ति को नियमित रूप से ट्रैक करते रहना अहम है। (theIAShub)

14) FAQs — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (Short FAQs)

Q1. क्या Optional पूरी तरह से हट गया है?

A: नहीं — Optional मौजूद है पर उसका स्वरूप बदल कर Objective/Qualifying कर दिया गया है। (The Times of India, Adda247)

Q2. Optional के अंक मेरिट में जोड़े जाते हैं?

A: नहीं — अधिकांश रिपोर्ट अनुसार Optional केवल क्वालिफाइंग है और मेरिट पर असर नहीं डालता। पर आधिकारिक नोटिफिकेशन देखें। (Adda247)

Q3. क्या Optional 100 अंक का होगा या 300?

A: प्रबल रिपोर्ट 100 अंक और MCQ कहती हैं; पर कुछ स्रोतों पर 300 अंक का संदर्भ भी दिखता है — अंतिम पुष्टि BPSC नोटिफिकेशन से लें। (Jagranjosh.com, Career Power)

Q4. क्या नकारात्मक अंकन होगा?

A: कई MCQ-रिपोर्ट्स ने negative marking का उल्लेख किया है; पर नियमों की अंतिम जाँच नोटिफिकेशन में करें। (Testbook)

15) समेकित तैयार-प्रस्ताव (Quick checklist for last 90 days)

अपने Optional के MCQ-बैंक से रोज़ कम-से-कम 100 प्रश्न हल करें।

  • हर गलत उत्तर का विश्लेषण लिखें।
  • साप्ताहिक टॉपिक-रीवाइज़ल रखें — 10 तेजी से याद होने वाले फेक्ट/सूत्र फ़्लैश-कार्ड बनाएं।
  • टाइम-प्रेसर मॉक (2 घंटे) हर सप्ताह लें।
  • GS & Essay पर अधिक समय दें — क्योंकि मेरिट यहीं तय होगी।

16) संभावित परिदृश्य (Scenarios aspirants should plan for)

  • Ideal scenario: BPSC आधिकारिक रूप से Optional = MCQ (100 marks), qualifying, negative marking के साथ घोषित कर दे — आप उसी अनुसार तैयारी करें। (Testbook)
  • Alternate scenario: BPSC आधिकारिक रूप से Optional को अभी भी 300 अंक/Descriptive के रूप में रखे — तब आपकी पुरानी रणनीति जारी रखें। इसलिए दोनों के लिए contingency रखें। (Career Power)

17) निष्कर्ष (Conclusion)

2025 में BPSC द्वारा Optional पेपर के स्वरूप में किए गए बदलाव — मुख्यतः Descriptive से Objective/MCQ में रूपांतरण और उसे क्वालिफाइंग प्रकृति देना — परीक्षा-परिस्थितियों और तैयारी-रणनीतियों में बड़ा परिवर्तन लेकर आता है। इस बदलाव का तात्कालिक प्रभाव यह होगा कि उम्मीदवारों को स्पीड-और-सटीकता पर ज़्यादा काम करना होगा, विषय-चयन में विवेकपूर्ण निर्णय लेना होगा और GS/Essay पर अधिक समय निवेश करना होगा क्योंकि मेरिट यहीं तय होगी। कोचिंग-सर्कल और एडटेक प्लेटफॉर्म MCQ-बैंक्स और मॉक-सीरीज़ दे रहे हैं; पर हर उम्मीदवार को BPSC की आधिकारिक नोटिफिकेशन और अपने पेपर-शेड्यूल की तिथि-निर्देशों को प्राथमिकता देनी चाहिए। अंततः यह परिवर्तन पारदर्शिता और मानकीकरण की दिशा में कदम माना जा सकता है, पर इसकी सफलता/नुकसान का विज़लीकरण कुछ वर्षों के बाद ही स्पष्ट होगा। (The Times of India, Test book, Adda247)

18) स्रोत और आगे पढ़ें (Select references)

  • Times of India — “BPSC makes major changes in pattern” (report on Optional → MCQ). (The Times of India)
  • Test book — “BPSC Syllabus 2025: Optional now objective & qualifying” (analysis & guidance). (Test book)
  • Drishti IAS — “BPSC Exam Pattern” (Mains/Prelims summary & paper durations). (Drishti IAS)
  • Jagran Josh — “68th BPSC marking scheme changes” (historical reference to change). (Jagranjosh.com)
  • Adda247 / Theia Shub — “71st CCE 2025 pattern summaries” (current cycle references). (Adda247, Theia Shub)


आपको पोस्ट कैसी लगी ..बताएं हमें....??

और नया पुराने